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Nobel Peace Prize 2022 : Alt News के सह: संस्थापक ( Co–founder) मोहम्मद ज़ुबैर ( Mohammad Zubair) और प्रतीक सिंहा ( Pratik Sinha ) को इस साल नॉबेल शांति अवॉर्ड जीतने वालों की सूची में शामिल किया गया हैं। नोबेल शांति अवॉर्ड दुनियां का सबसे प्रतिष्ठित और बड़ा अवॉर्ड माना जाता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो (PRIO) और नार्वे के सांसदों द्वारा मोहम्मद ज़ुबैर और प्रतीक सिन्हा को नोबेल शांति पुरस्कार देने की दावेदारी में शामिल किया गया हैं। और नॉबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में ज़ुबैर और प्रतीक मजबूती के साथ बने हुए हैं।
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| मोहम्मद ज़ुबैर और प्रतीक सिन्हा ( सोशल मीडिया फ़ोटो) |
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‘नो बेल’ से "नॉबेल शांति" तक का सफ़र!
मोहम्मद ज़ुबैर के लिए छोटी सी उम्र में इस मकाम तक पहुंचना कोई आम बात नही हैं, लोगों को इस मकाम तक पहुंचने के लिए सिर के बाल तक झड़ जाते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए हजारों यातनाने सही है जुबैर ने, जब पीएम से लेकर विधायक तक जनता में झूठ फैलाने का काम करते हैं तो सिर्फ़ मोहम्मद ज़ुबैर ही अकेले सच को खोज कर लोगों तक लाते हैं।
जब सरकार द्वारा फलाए गए झूठ का पर्दाफाश करने लगे तो सरकार के नज़र में चुभने लगे लेकिन कोई अपराध न होने के कारण सरकार इनका कुछ नही कर सकती थी, फ़िर एक पुराने ट्वीट को लेकर मोहम्मद ज़ुबैर को आख़िर कार फंसा ही दिया गया, और उसके बाद कई सारी एफआईआर दर्ज़ कराई गई, जिसके बाद मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया, और उसके बाद एक थाने से दूसरे थाने, एक अदालत से दूसरे अदालत, एक जेल से दूसरे जेल, एक शहर से दूसरे शहर किया जाने लगा, महीने भर बीतने के बाद फ़िर कोर्ट ने ज़ुबैर को जमानत दिया।
सैकड़ों दंगे होने से बचाया जुबैर ने!
मोहम्मद ज़ुबैर अपने फैक्ट चेक से सैकड़ों झूठे दावों का खण्डन किया जिसके बाद नेता मंत्री बैकफुट पर आ जाते हैं। जिसके बाद ज़ुबैर को कई प्रकार से टॉर्चर किया जाता हैं। मोहम्मद ज़ुबैर ने अपने फैक्ट चेक के जरिए सैकड़ों घरों को न सिर्फ़ उजड़ने से बचाया है बल्कि कई बड़ी अनहोनी को भी टाला हैं।
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नॉबेल शांति जितने वालों को दिया जाता हैं साढ़े सात करोड़..
दुनियां में शांति स्थापित करने वाले व्यक्तियों को ही दिया जाता है "नॉबेल शांति" नॉर्वे के रिर्पोट के अनुसार नोबेल शांति जितने वाले व्यक्ति को मेडल के साथ लगभग 7.4 करोड़ रुपए इनाम में दिया जाता हैं।

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