हर घर तिरंगा: पिछले दिनों प्रधान मंत्री नरेंद्र 

मोदी ने इस 15 अगस्त को भारत के आजादी 

को 75 साल पूरे होने पर जनता से अपील की हैं 

की हर घर तिरंगा फहराया जाए, और आज़ादी 

का अमृत महोत्सव मनाया जाय, जब से ये 

एलान हुआ है हर भारतीय अपने छतों पर तिरंगा 

लगा रहा हैं। 



लेकिन उसे सही मायनों में ये नही मालूम हैं की 

तिरंगे को किस तरह लगाते हैं ? और किन रूल 

को फ़ॉलो किया जाता हैं। इसकी जानकारी न 

होने की वजह से वह तिरंगे को गलत तरीके से 

लगा रहे हैं जिसकी शिकायत अगर कोई कर दे 

तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती हैं। तो 

आइए जानते हैं की तिरंगा फहराते समय किन 

किन बातों का रखें ध्यान।


तिरंगा फहराने का सही रूल क्या हैं?


भारत सरकार ने तिरंगा फहराने के लिए ढेर सारी 

रूल बनाई जिसका पालन करना अनिवार्य हैं, 

लेकिन आज़ादी के अमृत महोत्सव को देखते

हुए कुछ नियमों में छूट भी दी हैं।


भारतीय सरकार ने तिरंगे के सम्मान के लिए एक 

कानून बनाया हैं किसका नाम है फ्लैग कोड 

ऑफ इंडिया 2002 ( flag code off India) 

यानी तिरंगे को फहराते समय इन बातों का 

ध्यान नहीं रखा तो जेल जाना पड़ सकता हैं।


– इस कानून के अंतर्गत आप फटे, पुरान और 

मैले झंडे को नही लगा सकते हैं।


– अगर आप तिरंगे झंडे के साथ कोई आया झंडा 

लगा रहे हैं तो ध्यान दे की वो झंडा ना ही तिरंगे 

के बराबर में होना चाहिए और ना ही तिरंगे से 

उपर होना चाहिए।


– अगर किसी ने झंडे को फाड़ा या जलाया या 

उसका गलत इस्तेमाल किया या झंडे पर कुछ भी 

लिखा तो उसे 3 साल की जेल या जुर्माना या 

दोनों हो सकता हैं।



– तिरंगे का आकार आयात कार होना चाहिए 

और इसका अनुपात 3:2 का होना चाहिए।


–अशोक चक्र में 24 तिलिया अवश्य होना चाहिए 

और अशोक चक्र का कलर गाढ़ा नीला होना 

चाहिए।


–तिरंगे का कोई भी यूनिफॉर्म या कुछ और नहीं 

बनाया जा सकता हैं।


–किसी भी स्थिति में तिरंगा जमीन से टच नहीं 

होना चाहिए।


–अगर तिरंगा फट गया या ख़राब हो गया हैं तो 

उसे घर के किसी सुरक्षित स्थान पर रखना 

चाहिए।


– तिरंगा लगाते समय केसरिया रंग उपर होना 

चाहिए 


– पहले ये रूल था की सूरज डूबने के बाद तिरंगा

नही फहराया जा सकता था लेकिन सरकार ने 

इसमें छूट दी हैं यानी अब तिरंगा कभी भी 

फहराया जा सकता हैं ।


तो आप भी इन बातो का ध्यान रखिए और

तिरंगे का सम्मान करिए ।